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Type of computer | Classification of Computer:-

वर्तमान में हम देखते है कि कम्प्यूटर कई आकार तथा प्रकार (different type of computer) के उपलब्ध है,

जैसे डेस्कटॉप कम्प्यूटर, लेपटॉप, टेबलेट, मोबाईल आदि।

इनका आकार, कार्य करने की क्षमता, कीमत, कार्य की गुणवत्ता आदि के आधार पर कम्प्यूटर का वर्गीकरण किया जा सकता है।

कम्प्यूटर का वर्गीकरण | Classification of Computer :- हम देखते है कि कुछ कम्प्यूटर का साइज बहुत बडा होता है,

वहीं कुछ का साईज बहुत छोटा होता है।

इसी आधार पर हम कम्प्यूटरों को निम्न प्रकार (type of computer) से विभाजित कर सकते हैः-

1- माईक्रो कम्प्यूटर | Micro Computer :-

सामान्य कार्यो के लिए माईक्रो कम्प्यूटर का उपयोग किया जाता है। 

यह पोर्टेबल होता है अर्थात एक जगह से दूसरी जगह आसानी पूर्वक ले जाया जा सकता है। 

इनकी कीमत सभी कम्प्यूटरों से कम होती है, इसलिए इसका उपयोग बहुतायत में किया जाता है। 

इस प्रकार के कम्प्यूटर सिंगल यूजर के उपयोग हेतु होते है, अर्थात इन पर एक समय में एक ही व्यक्ति कार्य कर सकता है। 

इस प्रकार के कम्प्यूटर में सामान्यतः एक ही माइक्रोप्रोसेसर होता है।

माईक्रो कम्प्यूटर के अंतर्गत निम्न डिवाईस आती हैः-

1.1- डेस्कटॉप कम्प्यूटर अथवा पर्सनल कम्प्यूटर | Desktop Computer Or Personal Computer (Mostly used type of Computer):-

डेस्कटॉप कम्प्यूटर को पर्सनल कम्प्यूटर अथवा पी.सी. भी कहा जाता है,

क्योंकि इसका उपयोग हर व्यक्ति अपने पर्सनल कार्यो के लिए कर सकता है। 

इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान होता है।

इस प्रकार के कम्प्यूटर में माईक्रो प्रोसेसर का उपयोग किया जाता है। 

इनकी कीमत भी कम होती है।

इन्हें चलाने के लिए बिजली की आवश्यकता होती है। 

सामान्यतः पर्सनल कम्प्यूटर में एक मॉनिटर, की-बोर्ड, माउस तथा केबिनेट अर्थात सी.पी.यू. होता है। 

वर्तमान में ऐसे पर्सनल कम्प्यूटर भी आने लगे है,

जिनमें केबिनेट अर्थात सी.पी.यू., मॉनिटर में ही जुडा होता है।

1.2- लेपटॉप एवं नोटबुक | Laptop and Notebook

यह भी एक माइक्रोकप्यूटर है, जो कि बहुत कम वजन का होता है।

इसे आसानी से किसी बेग में रखकर एक जगह से दूसरी जगह लेकर जाया जा सकता है। 

वर्तमान में सामान्य कार्यो के लिए हर व्यक्ति लेपटॉप का उपयोग ज्यादा करता है। 

लेपटॉप में इनबिल्ट बैटरी होती है,

जिससे यह बिना बिजली के भी चलाए जा सकते है, 

इसकी बेटरी को चार्ज करना होता है। 

लेपटॉप में मॉनिटर, की-बोर्ड, माउस तथा सी.पी.यू. आपस में जुडे होकर एक ही डिवाईस के रूप में उपयोग होते है। 

इसमें माउस की जगह पर एक टच पेड दिया होता है,

जिसे अंगुलियों की मदद से माउस के रूप में उपयोग किया जाता है। 

इनमें अलग से की-बोर्ड तथा माउस को जोडने की सुविधा भी उपलब्ध होती है।

1.3- पामटॉप अथवा पी.डी.ए.:-

इस प्रकार के कम्प्यूटर का आकार लेपटॉप से भी छोटा होता है,

जो हमारे हाथ की हथेली के आकार के हो सकते है। 

इनमें की-बोर्ड के स्थान पर लाईट पेन का उपयोग होता है,

जो इनपुट डिवाईस के रूप में कार्य करता है। इसका उपयोग बहुत कम किया जाता है।

1.4- टेबलेट | Tablet:-

यह भी लेपटॉप की तरह ही होते है,

इनमें अंतर इतना है कि इनमें की-बोर्ड तथा माउस के स्थान पर लाइट पेन का उपयोग किया जाता है। 

यह पामटॉप से बडे तथा लेपटॉप से छोटे होते है।

वर्तमान में इनका उपयोग बहुत अधिक होने लगा है।

इसका अधिकांशतः उपयोग ग्राफिक डिजाइनिंग के लिए किया जाता है।

वर्तमान में स्क्रीन टच टेबलेट भी उपलब्ध है।

1.5- स्मार्ट फोन | Smart Phone:-

वर्तमान में हर व्यक्ति स्मार्ट फोन अर्थात एंड्रायड अथवा आई.ओ.एस. मोबाईल का उपयोग कर रहा है।

स्मार्ट फोन भी एक प्रकार का कम्प्यूटर ही है,

जिसके द्वारा हम कम्प्यूटर की तरह ही कार्य कर सकते है, इंटरनेट का उपयोग कर सकते है। 

वर्तमान में अधिकांश स्मार्ट फोन स्क्रीन टच सुविधा के साथ उपलब्ध है,

जिससे हमें किसी भी अतिरिक्त पेरीफेरल डिवाईस अर्थात इनपुट-आउटपुट डिवाईस का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं है। 

हालांकि इसमें यह सुविधा उपलब्ध होती है, कि आप आसानी से ओ.टी.जी. केबल के माध्यम से की-बोर्ड तथा माउस को जोड सकते है।

2. वर्कस्टेशन कम्प्यूटर | Workstation Computer:-

यह भी एक सिंगल यूजर कम्प्यूटर है अर्थात एक समय पर कोई एक व्यक्ति ही इस पर कार्य कर सकता है। 

इस प्रकार का कम्प्यूटर टेक्निकल एवं साइंटिफिक उपयोग के लिए बनाया गया था। 

इसमें पी.सी. के मुकाबले अधिक पॉवरफुल माइक्रोप्रोसेसर, अधिक क्षमता की रेम तथा अधिक गति वाली ग्राफिक कार्ड का उपयोग होता है। 

इस कम्प्यूटर के द्वारा कोई स्पेसिफिक कार्य करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।

इसकी कीमत अधिक होती है। 

इस प्रकार के कम्प्यूटर जटिल कार्यो के लिए बनाए गए है।

जैसे एनिमेशन, ऑडियो/वीडियो एडिटिंग, डाटा एनालिसिस आदि कार्य के लिए अधिक क्षमता वाले सी.पी.यू., अधिक क्षमता वाले ग्राफिक कार्ड, अधिक स्टोरेज क्षमता की आवश्यकता होती है। 

ऐसे में इस कम्प्यूटर का उपयोग किया जाता है।

3. मिनि कम्प्यूटर | Mini Computer:-

ऐसी जगह जहां एक से अधिक यूजर को एक साथ किसी विशेष कार्य को करना होता है,

तब मिनि कम्प्यूटर का उपयोग किया जाता है। 

इनका आकार पर्सनल कम्प्यूटर से बड़ा होता है, तथा इनकी कीमत, स्टोरेज क्षमता तथा गति भी पर्सनल कम्प्यूटर से अधिक होती है। 

इस प्रकार के कम्प्यूटरों का उपयोग इंजीनियरिंग केलकुलेशन, कम्प्यूटर एडेड डिजाईन, अकाउंटिंग, डाटाबेस मेनेजमेंट, वर्ड प्रोसेसिंग जैसे कार्यो हेतु किया जाता है। 

वर्तमान में इनका उपयोग छोटे स्तर के सर्वर के रूप में भी किया जा रहा है।

इसका उपयोग सामान्यतः छोटे बिजनेसेस के लिए किया जाता है। 

इसमें एक से अधिक माईक्रोप्रोसेसर का उपयोग किया जाता है।

इस कम्प्यूटर में एक साथ एक से अधिक यूजर काम कर सकते है। 

अधिकांशतः मिनि कम्प्यूटर में एक साथ लगभग 400 तक यूजर कार्य कर सकते है। 

इसे भी पी.सी. की तरह एक जगह से दूसरी जगह आसानी से ले जाया जा सकता है।  

4. मेनफ्रेम कम्प्यूटर | Mainfraim Computer:-

मिनि कम्प्यूटर की अधिकतम क्षमता पी.सी. से अधिक है, लेकिन कई बार ऐसे कार्य भी होते है,

जिसमें एक साथ हजारो यूजरों को कार्य करने की आवश्यकता होती है,

तब ऐसे कार्यो के लिए मेनफ्रेम कम्प्यूटर का उपयोग किया जाता है। 

इसकी गति तथाा स्टोरेज क्षमता मिनि कम्प्यूटर से अधिक होती है।

इसकी कीमत भी अधिक होती है। 

इसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह नहीं ले जाया जा सकता है, क्योंकि इसका आकार बड़ा होता है। 

इस प्रकार के कम्प्यूटरो का उपयोग बैंकिंग सेक्टर में, टेलीकॉम कंपनी, कई आई.टी. कंपनीयों में किया जाता है। 

बडे-बडे व्यापार जिनमें एक साथ हजारो यूजरों को मैनेज करना होता है,

तब मेनफ्रेम कम्प्यूटर का उपयोग किया जाता है। 

इसे लंबे समय तक बिना रूके उपयोग किया जा सकता है।

इसकी स्टोरेज क्षमता बहुत अधिक होती है।

5. सुपर कम्प्यूटर | Super Computer | Latest type of Computer:-

यह कम्प्यूटर सभी कम्प्यूटर से अधिक क्षमता वाला कम्प्यूटर है।

इसकी कीमत भी सभी कम्प्यूटरों से अधिक होती है। 

इसमें कई सारे प्रोसेसरो का उपयोग किया जाता है।

 इसका उपयोग बहुत बडे प्रोजेक्ट अथवा कार्यो जैसे जीयोग्राफिकल डाटा, वेदर फॉरकास्ट, सोलर सिस्टम, सेटेलाइट मैनेजमेंट, न्यूक्लियर रिसर्च, मिलेट्री एजेंसी, साइंटिफिक रिसर्च लेबोरेटरी में कार्यो के लिए किया जाता है, 

जिसमें करोडो टास्क एक साथ चल सकती है तथा उनका परिणाम भी कुछ ही सेकेंड में मिल जाता है।

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